JNU हिसां के बाद छात्रों ने सामूहिक रुप में परीक्षा ना देने का फैसला……

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जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में रविवार शाम को नकाबपोशी बदमाशों ने जमकर हिंसा की. जिसमें कई छात्र जख्मी हो गए. जिसके बाद इस मामले पर छात्र पुलिस मुख्यालय के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे है.

इन सबके बाद गृहमंत्री अमित शाह ने मामले की छानबीन की बात कही है. उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से बात की है और मामले का पूरा ब्यौरा मांगा है. साथ ही पुलिस विभाग को निर्देश दिए है कि जल्द ही गृह मंत्रालय को मामले की पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएं.

बता दें कि बीती शाम को जेएनयू कैंपस और हॉस्टल में घुसकर सरेआम छात्रों के साथ नकाबपोश हमलावरों ने हिंसा की. उन पर रॉड, डंडे और पत्थरों से हमला किया इसके साथ ही कैंपस में तोड़-फोड़ भी की. इस भयानक हालात में काफी ज्यादा छात्र घायल हो गए है. इसमें जेएनयू की प्रेसिडेंट आइशी घोष भी बुरी तरह घायल हो गई है. जिसके बाद उन्हें एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया.

यह भी बताया यह भी जा रहा है कि यह सभी हिंसा योजना के तहत की गई है.
वहीं इन बुरी स्थितियों के बाद जेएनयू के कई छात्र हॉस्टल छोड़ कर जा चुके है. तो कई डट कर इसका सामना करने के लिए खड़े है.

सोमवार को छात्रों की परीक्षा थी, जिसके बाद सभी ने सामूहिक रुप में परीक्षा ना देने का फैसला लिया. गौरतलब है कि बीती शाम को कैंपस में मचे तहलके के बीच छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है. जिसके बाद छात्र ना ही पढ़ पाए और ना ही चैन से सो पाए. और छात्रों का कहना है कि जब तक माहौल सामान्य ना हो जाएं तब तक वह परीक्षा नही देंगे.

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