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आज से मिथिला स्टूडेंट युनियन के द्वारा मिथिला विकास बोर्ड की माँग को ले कर जयनगर से सैकड़ो छात्र – नोजवान के साथ पद यात्रा शुरु की गई जो मधुबनी- झंझारपुर-दरभंगा होते हुए 162 किलोमिटर दूरी तय कर 25 फरवरी को एनएच-57 पे पहुचेगी और वहाँ पहुच कर एनएच-57 पर अनिश्चितकालीन धारणा करेगी।
मिथिला स्टूडेंट युनियन के द्वारा लगातार पिछले 2 वर्ष से उत्तर बिहार के क्षेत्र को विकसित करने के लिए केंद्र सरकार से एक अगल विकास बोर्ड बनाने की माँग कर रही हैं।
पिछले ही वर्ष हजारो लोगो के साथ सांसद मार्ग पे पैदल मार्ग कर नीति आयोग के पास अपनी माँग सोपी थी। तो वही 01 अक्टोबर को सम्पूर्ण उत्तर बिहार बंद का आवाहन भी किया था जिसका मधुबनी, झंझारपुर दरभंगा, समस्तीपुर सहित आस पास के जिले मे व्यापक असर देखने को मिला थाl 02 दिसंबर को दरभंगा के राज मैदान मे विशाल जनसभा का भी आयोजन किया जिसमें उत्तर बिहार के सभी जिले से 15 हजार से भी अधिक की संख्या मे छात्र-नौजवानों भाग लेने पहुचे थे।
युनियन के मुजफ्फरपुर जिलाध्यक्ष नितिन सिंह ने कहा की उत्तर बिहार का क्षेत्र हर दृष्टि कोन से बहुत ही पीछे हैं आज तक केंद्र और राज्य सरकार आज तक उत्तर बिहार के साथ सिर्फ और सिर्फ सौतेला व्यबहार किया हैं विकास की राह मे उत्तर बिहार बहुत ही पीछे रह गया अगर बात सिर्फ मुजफ्फरपुर की करे तब मोतीपुर चीनी मिल जिसका मिठास पुरे विश्व प्रसिद्ध थी जो एक साजिश के तहत बंद कर दिया गया और इस क्षेत्र को लेबर जोन बना दिया गया,जिला मुख्यालय से मात्र 35 किमी दूरी पे औराई – कटरा का क्षेत्र हैं जो आज भी चचरी पुल के सहारे अपना जीवन व्यतित कर रहे।
इतनी बड़ी संख्या के लिए एक मात्र अस्पताल एसकेएमसीएच की हालात किसी के छुपी हुयी नही हैं वो आज खुद ही आखिरी साँस गिन रहा हैं
इतना ही नही हम बात चाहें शिक्षा की करे या स्वास्थ्य रोजगार की हर चीज़ ये क्षेत्र बहुत ही पीछे छूट गया हैं और हर चीज़ के आज इन क्षेत्र के लोगो को पलायन करना होता हैं इस सब चिज़ो से मुक्ति पाने का एक मात्र जरिया हैं अब इस क्षेत्र के विकास के लिए अगल विकास बोर्ड बने जिसकी माँग लगातार ही हम लोग कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय अध्यक्ष दावूड इब्राहिम ने कहा की आज तक हमने सत्ता से हमेशा अपनी माँग शान्तिपुर्ण ढ़ंग से रखा किन्तु उनके कान पे जु तक नही रेंगी तब जा कर हमलोगो को ये रास्ता चुनना पड़ा अब फिर से उत्तर बिहार को विकास की राह पर लाने के लिए एक मात्र उपाय हैं की इस क्षेत्र के विकास के लिए केंद्र सरकार इन 20 जिलों की जिसकी जनंसख्या 7 करोड़ हैं उसके विकास के लिए 1 लाख करोड़ मिथिला विकास बोर्ड के माध्यम से ख़र्च करे ये हमारा अधिकार हैं इसको लेने के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं इसकी पुरी जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकार होगी ।

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