राहुल काद्यान के आरोपों में कितनी सच्चाई?

1
90

इंडिया न्यूज़ के पत्रकार राहुल काद्यान ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने बताया कि दो पुलिसकर्मियों को बिना हेलमेट के गलत लेन पर मोटरसाइकिल चलाते समय सावधानी बरतने की चेतावनी दी थी। जिसके बाद उन पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और नोएडा के सेक्टर 20 पुलिस स्टेशन में पूरी रात बिठाये रखा।

कांग्रेस विधायक

यह हादसा गुरुवार को रात करीब 11.30 बजे हुआ जब इंडिया न्यूज़ के पत्रकार राहुल काद्यान सेक्टर 18 मेट्रो स्टेशन के बाहर कैब के लिए अपने दोस्त के साथ इंतजार कर रहे थे।

राहुल का आरोप है कि उन्होंने दो पुलिसकर्मियों को मोटरसाइकिल पर आते देखा। जिन्होंने हेलमेट भी नहीं पहना हुआ था और गलत लेन में सवार थे। इस बात पर राहुल ने बाइक सवार पुलिसकर्मियों से कहा कि धीरे चलिए साहब! आपने हेलमेट नहीं पहना हैं। जिसके बाद पुलिस वाले भड़क गए। और पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट कर उनका फोन भी तोड़ दिया। पुलिसकर्मियों ने राहुल के दोस्त की भी इस हद तक पिटाई की कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

उन्होंने कहा कि उसके बाद उन्हें सेक्टर 20 पुलिस स्टेशन ले जाया गया और अगली सुबह 6 बजे तक वहाँ रखा गया।

राहुल के आरोपों के बाद लोग पुलिसकर्मियों के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग करने लगे। बिना मामले की जांच हुये लोग पुलिसकर्मियों को दोषी बताते हुए राहुल के सपोर्ट में ट्वीट भी करने लगे।

मीडिया ने भी पुलिसवालों की गुंडागर्दी बताते हुए इस मामले में टीआरपी बटोरने की खूब कोशिश की।

हालांकि, बाद में नोएडा पुलिस ने बताया कि पत्रकार और उनके दोस्त नशे में थे। और संबंधित पुलिसकर्मियों के वहाँ पहुंचने से पहले छह-सात अज्ञात लोगों ने उनकी पिटाई की थी।

नोएडा पुलिस ने आगे बताया कि सर्किल ऑफिसर, नोएडा-प्रथम, श्वेताभ पांडे के नेतृत्व में एक जांच में पाया गया है कि दो बाइक वाले स्थानीय पुलिसकर्मियों और पत्रकार के बीच एक विवाद था, लेकिन हमले के आरोप निराधार थे।

वंदे एक्सप्रेस

पुलिस ने एक बयान में बताया कि पूरे प्रकरण को पास के एक रेस्तरां के सीसीटीवी फुटेज में पकड़ा गया था, जिसके प्रबंधक ने जांच समिति को बताया कि वह भी मौके पर पहुंच गया था। जब पत्रकार, उसके दोस्त और छह-सात अन्य अज्ञात लोगों के बीच हाथापाई हुई थी।

रेस्तरां प्रबंधक ने कहा कि “वह भी हाथापाई में फंस गया और उसे मामूली चोटें आईं और कोई भी पुलिसकर्मी इस प्रकरण में शामिल नहीं था।”

हालांकि, आगे यह भी कहा कि उसकी टिप्पणी के बाद पुलिसकर्मियों और काद्यान के बीच एक विवाद था और जल्द ही एक पुलिस पीआरवी मौके पर पहुंची और उसे पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

राहुल से उनके परिवार के एक संपर्क नंबर के लिए मौके पर पूछा लेकिन वह नशे में धुत्त होने के कारण नंबर नहीं दे सके। बाद में पुलिस स्टेशन में भी उनसे एक नंबर मांगा गया, लेकिन उन्हें याद नहीं आया। और उनका सेल फोन पहले से ही क्षतिग्रस्त था।

चश्मदीद गवाह के आधार पर पुलिस का निष्कर्ष है कि यह साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं है कि काद्यान की पिटाई पुलिसकर्मियों ने की।

नोएडा पुलिस ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पत्रकार से मारपीट करने की आशंका वाले पुरुषों की पहचान के लिए इलाके से सीसीटीवी फुटेज को आगे की जांच के लिए इकट्ठा किया जा रहा है।