मगध विवि के छात्रों को राज्यपाल का आश्वासन, बढ़ाई जाएगी परीक्षा तिथि

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मगध विवि के छात्रों को राज्यपाल का आश्वासन, बढ़ाई जाएगी परीक्षा तिथिPublish Date:Sat, 29 Sep 2018 07:29 PM (IST)मगध यूनिवर्सिटी के 28 कॉलेजों की मान्यता रद होने के बाद छात्रों को एडमिट कार्ड नहीं मिला। आक्रोशित छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। राज्यपाल ने परीक्षा तिथि बढ़ाने की बात कही है। …

पटना, जागरण टीम। मगध यूनिवर्स‍िटी द्वारा 32 कॉलेजों की मान्यता रद करने के बाद मगध यूनिवर्सिटी के 28 सामान्य डिग्री कॉलेजों के करीब 86 हजार छात्रों के भविष्य पर सवाल उठने के बाद ये मामला राजभवन पहुंचा। इस मामले को लेकर सांसद सीपी ठाकुर ने राज्यपाल से मुलाकात की और छात्रों की परेशानी बताई। उनके साथ महिला आयोग की सदस्य भी थीं।

 

राज्यपाल ने मामले पर संज्ञान लेते हुए परीक्षा की तारीख आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया और कहा कि परीक्षा 10 तारीख के बाद ली जा सकती है।

खड़ा हुआ है। बता दें कि राज्य सरकार और पटना हाईकोर्ट के आदेश के बीच इन कॉलेजों के पार्ट थर्ड की परीक्षा देने वाले छात्र परीक्षा से पहले एडमिट कार्ड नहीं मिलने से अपना एक साल बर्बाद होने की गुहार लगा रहे हैं। ।मगध विवि के छात्रों का मामला राजभवन पहुंचा। अब ये परीक्षा एक अक्तूबर को नहीं होगी। इसके साथ ही कमियां दूर कर छात्रों को एडमिट कार्ड मिलेगा।

बता दें कि शनिवार को एडमिट कार्ड नहीं मिलने से नाराज छात्रों ने पटना और गया में शनिवार को जमकर उत्पात मचाया । पटना में जहां आरपीएस मोड़ पर छात्रों ने जम कर विरोध प्रदर्शन किया वहीं गया में भी छात्रों ने उग्र प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पथराव किया, बस में आग लगा दी और जम कर

पटना की छात्रा विजेता सिन्हा ने बताया कि वो भूगोल विषय से पार्ट वन और पार्ट टू की परीक्षा दे चुकी हैं और अब उन्हें पार्ट थ्री की परीक्षा देनी है। मगध यूनिवर्सिटी ने पिछले दो साल ये परीक्षा ली और अब मेरे कॉलेज की मान्यता रद कर दी गई तो अब मैं थर्ड पार्ट की परीक्षा कैसे दूंगी। यूनिवर्सिटी ने जब उत्तीर्णता के साथ दो साल का अंकपत्र दिया है तो तीसरे साल की परीक्षा के लिए हम कहां जाएं?

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मायूस होकर उन्होंने बताया कि अब परसों यानि एक अक्तूबर से हमारा फाइनल एग्जाम होना है तो अब कहा जा रहा कि मान्यता रद हो गई तो अब परीक्षा कैसे होगी? हमने फॉर्म भरा और अब हमारा एडमिट कार्ड रोक दिया गया है ये तो ज्यादती है, हमारे भविष्य से खिलवाड़ है। सरकार या कोर्ट को कोई ना कोई रास्ता निकालना चाहिए ताकि हमारा एक साल

उन्होंने सवाल किया कि अगर रद किए गए कॉलेजों की मान्यता नहीं थी तो फिर इन कॉलेजों ने पार्ट वन और टू की परीक्षा कैसे ले ली। परीक्षा देने के बाद अंकपत्र कैसे दे दिया? अब तो तीसरे पार्ट की परीक्षा लेकर हमें डिग्री तो कॉलेज को देनी ही होगी।

पटना मे छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
पटना में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आरपीएस मोड़ पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की भीड़ के कारण बेली रोड पर यातायात घंटों बाधित रहा।छात्रों के विरोध को देखते हुए चालकों ने अपनी-अपनी गाड़ी जहां-तहां खड़ी कर दी।

वहीं, प्रदर्शन के दौरान जाम हटाने को लेकर असामाजिक तत्व भी भीड़ में शामिल हो गए और फायरिंग कर दी, जिससे भगदड़ मच गयी। छात्र तितर-बितर तो हो गये। लेकिन, कुछ ही देर बाद छात्रों ने फायरिंग को लेकर अपना प्रदर्शन और उग्र कर दिया। मौके पर पुलिस की टीम मौजूद है।

गया में बस को किया आग के हवाले, शिविर में लगाई आग

वहीं, गया में भी उग्र छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और साथ ही एक बस को भी आग के हवाले कर दिया। इसके साथ ही पितृपक्ष के लिए बनाए शिविर में भी आग लगा दी। उग्र छात्रों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की और मुख्य मार्ग डोभी पथ को तीन घंटे जाम रखा।

पुलिस ने घटना के बाद सात छात्रों को गिरफ्तार किया है। छात्रों का कहना है कि मगध विश्वविद्यालय के हजारों छात्रों का पार्ट 3 का एडमिट कार्ड नहीं मिला है इस तरह वे परीक्षा से वंचित रह जाएंगे। पिछले चार दिनों से छात्र इसे लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज छात्रों का धैर्य टूट गया और आक्रोशित छात्रों ने सड़क जाम कर दिया और समझाने आई पुलिस पर जमकर पथराव किया।

आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर थाना में घुसकर दर्जनों गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए और थाने के गेट पर औरंगाबाद से आ रही बस को छात्रों ने आग के हवाले कर दिया। करीब 500 छात्र इस उग्र प्रदर्शन में शामिल थे।

जानें क्या है मामला

राज्य सरकार ने मगध यूनिवर्सिटी के 28 सामान्य डिग्री कॉलेजों की संबद्धता रद कर दी है, इसके बाद प्रोवीसी केएन पासवान के नेतृत्व में एक जांच कमेटी गठित की गयी थी और उन कॉलेजों के छात्रों को अंगीभूत कॉलेजों से टैग करा कर पार्ट एक और पार्ट दो की परीक्षा दिलायी गई थी, जिसे राज्य सरकार ने भी मान लिया था।

इधर मान्यता रद किए गए कॉलेजों के तरफ दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने छात्रों के रिजल्ट पर रोक लगा दी थी। जिसके बाद मगध यूनिविर्सिटी ने इन कॉलेज के छात्रों को पार्ट थर्ड की परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दिया है जिससे लगभग 86 हजार छात्र का भविष्य दांव

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