पैक्स व व्यापार मंडलों में कच्छप गति से हो रही धान की अधिप्राप्ति

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जहानाबाद: केंद्र व राज्य की सरकार किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित करने की बात करती है। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य किसानों की बदहाली को दूर करना है। इन योजनाओं में धान अधिप्राप्ति एक प्रमुख योजना है। जिसके तहत किसानों के उत्पाद को बेहतर मूल्य देने की सोंच निहित है।

लेकिन इस बेहतर सोंच में क्रियान्वयन की धीमी प्रक्रिया लगातार बाधक बन रही है। धान अधिप्राप्ति के लिए 15 दिसंबर से ही प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। 31 मार्च तक 60 हजार मिट्रिक टन खरीद का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है लेकिन फिलहाल इस लक्ष्य के विरुद्ध जो खरीददारी की स्थिति दिख रही है उससे इसकी अधिप्राप्ति की आस काफी धुमिल नजर आ रही है। हालात यह है कि अब तक मात्र 4.84 फीसद धान की ही खरीददारी हो सकी है।

अब तक 404 किसानों से मात्र 2904.896 मिट्रिक टन धान की खरीद हो सकी है। हालांकि इसके लिए सदर प्रखंड में कुल 12 पैक्स तथा एक व्यापार मंडल में क्रय केंद्र संचालित है। लेकिन इनमें से चार पैक्स तथा एक व्यापार मंडल ने मात्र 64 किसानों से 432.88 मिट्रिक टन धान की खरीद की है। इसी प्रकार रतनी प्रखंड में कुल 10 पैक्स में क्रय केंद्र संचालित है। लेकिन इनमें से छह पैक्स ने मात्र 80 किसानों से 571.48 मिट्रिक टन धान की खरीद कर सकी है।

वहीं घोसी में कुल 10 पैक्स तथा एक व्यापार मंडल में क्रय केंद्र संचालित है। लेकिन इनमें से आठ पैक्स ने मात्र 32 किसानों से 244.48 मिट्रिक टन धान की खरीद कर सकी है। इधर काको में कुल 16 पैक्स तथा एक व्यापार मंडल में क्रय केंद्र के माध्यम से धान की खरीद की प्रक्रिया संचालित की गई लेकिन पांच पैक्स ही अब तक धान खरीद प्रारंभ की है। इन पैक्सों ने 30 किसानों से 237.72 मीट्रिक टन धान की ही खरीद की है।

अगर बात करें मखदुमपुर की तो वहां भी स्थिति कुछ इसी तरह की है। इस प्रखंड में 20 पैक्स तथा एक व्यापार मंडल को धान खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। जिसमें से अब तक 84 किसानों से 684.316 मिट्रिक टन 15 पैक्सों द्वारा धान की खरीद की गई है।

हुलासगंज में नौ पैक्स में से आठ पैक्स ने 91 किसानों से 628.66 मिट्रिक टन धान की खरीद की है।
सुखाड़ घोषित मोदनगंज प्रखंड में धान अधिप्राप्ति के लिए सात कार्यरत पैक्सों द्वारा 23 किसानों से 105.36 मिट्रिक टन की खरीद की गई है।

इस तरह धान अधिप्राप्ति का कार्य मंद गति से संचालित हो रहा है। कार्य की शिथिलता का मुख्य वजह कागजी प्रक्रिया व जटिल प्रावधान माना जा रहा है। हालांकि शुरुआती समय में संबंधित अधिकारी नमी का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ते रहे हैं।

धान अधिप्राप्ति का कार्य सभी निर्धारित पैक्सों तथा व्यापार मंडलों के माध्यम से किया जा रहा है। धीरे-धीरे इस कार्य में और अधिक तेजी आएगी। फिलहाल सभी प्रखंडों में धान क्रय का कार्य संचालित है। सभी को सरकारी नियम के अनुरुप धान खरीदने का निर्देश दिया गया है।जो पैक्स धान नहीं खरीद रहे हैं वहां के किसानों को निकटवर्ती पैक्स या व्यापार मंडल से जोड़ा गया है।

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