चीन क्यों मसूद अज़हर के लिए रक्षा कवच बना हुआ है:

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पुलवामा आत्मघाती हमले मे हमारे देश के 40 से ज्यादा ज़वान शहीद हुए थे। इस हमले को मुसद अजहर ने करवाया था। उन्होनें ये बात का खुलासा खुद की थी। हमले के बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है।

पाकिस्तान के इस हमले से लगभग देश भारत के पक्ष मे और पाकिस्तान के विपक्ष मे खड़ा है चीन को छोड़कर। फ्रांस एक प्रस्ताव लेकर जाऐगा यूनाइटेड नेशन मे कि मसुद अज़हर को एक आतंकवादी घोषित कर देना चाहिए।
पुलवामा हमले के बाद भारत ने कहा था कि अक्टूबर 2019 मे जब एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई कार्य बल) की बैठक होगी। जिसमे कोशिश करेगा की पाकिस्तान को एफएटीएफ की ब्लैक लिस्ट मे डाला जाय।
अभी के लिए पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट मे है। अगर पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट मे आती है,तो उसे वैश्विक वित्तीय संस्थान से उधार लेने मे काफी कठिनाई आऐगी।लेकिन हो सकता है, कि दोनों जगह चीन उसे बचा ले। अगर वह एफएटीएफ से ना बचा पाऐ, लेकिन मसुद अज़हर को यूनाइटेड नेशन मे आतंकवादी घोषित होने से बचा सकता है।

इससे पहले भारत पाकिस्तान के खिलाफ 1267 के अंतर्गत संकल्प लिया था और चार बार प्रस्ताव रखा था। लेकिन हर बार चीन उसे बचाते रहे। सीपीईसी, बीआरआई इस तरह के कारण है, जिसके वजह से चीन उसे बचाते आ रहा है।
आपको बता दे सीपीईसी यह बहुत से प्रोजेक्ट का एक ग्रुप है। इसमे कई रेलवे लाइन, कई हाईवे है, जो पाकिस्तान से गुजरेगें। वहीं भारत बीआरआई के साथ नहीं है और यह बात चीन भी जानता है। जिस वजह से चीन भारत को अपना विपक्ष समझता है।

सवाल यह उठता है, कि आखिर चीन मसुद अज़हर का साथ क्यों दे रहा है? हाफिज सईद का क्यों नहीं। आपको बता दे कि 26/11 जो 2008 मे हुआ था, उसमे हाफिज़ सईद का हाथ था उसके बाद चीन उसे नहीं बचा पाया था। हालाकि 26/11 से पहले चीन हाफिज़ सईद का साथ देता था।

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