गोंडा लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के संस्कृत विभाग के द्वारा पांच दिवसीय सरल संस्कृत संभाषण वर्ग का हुआ शुभारंभ

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श्याम बाबू कमल गोंडा उत्तर प्रदेश

गोंडा लाल बहादुर शास्त्रीमहाविद्यालय, गोण्डा, के संस्कृत विभाग द्वारा आज दिनांक 11/10/2018 को पंचदिवसीय सरल संस्कृत सम्भाषण वर्ग का शुभारंभ हुआ। सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ0 मंशाराम वर्मा ने किया। मुख्य अतिथि हिन्दी विभागाध्यक्ष डाॅ0 शैलेन्द्रनाथ मिश्र और विशिष्ट अतिथि समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष डाॅ0 राम समुझ सिंह रहे। विषय प्रवर्तन करते हुए विभागाध्यक्ष डाॅ0 मंशाराम वर्मा ने कहा कि जिस प्रकार अंग्रेजी का शिक्षण अंग्रेजी माध्यम से होता है और हिन्दी का शिक्षण हिन्दी माध्यम से होता है, उस प्रकार से संस्कृत का शिक्षण संस्कृत माध्यम से न होना संस्कृत भाषा के व्यावहारिक न होने का प्रमुख कारण है। “संस्कृतं संस्कृत माध्यमेन” यह संकल्प होना चाहिए। मुख्य अतिथि डाॅ0 शैलेन्द्रनाथ मिश्र ने कहा कि आज भाषा का प्रयोग में न होना उसके व्याकरण की जटिलता के कारण है। डाॅ0 राम समुझ सिंह ने सफल आयोजन की बधाई दी और छात्रों को प्रोत्साहित किया।
मुख्य वर्ग संचालक श्री जगदम्बा सिंह ने कहा कि छठी और सातवीं पीढ़ी के कम्प्यूटर के लिए संस्कृत को सर्वोत्कृष्ट भाषा के रूप में “नासा” ने स्वीकार किया है। कर्नाटक के मुत्तूर गांव की भाषा पूरी तरह से संस्कृत ही है। सह संचालक श्री राम भुलावन प्रजापति ने — शिविर गीत —“कालिदासो जने-जने,
कण्ठे-कण्ठे संस्कृतम् ” गीत से संस्कृत संभाषण वर्ग की शुरुआत की। वर्ग संचालक ने प्रथम चरण में संस्कृत भाषा के माध्यम से छात्रों में परिचयात्मक सम्भाषण करवाया। कार्यक्रम का संचालन श्री जगदम्बा सिंह ने किया और अतिथियों के प्रति आभार प्रकटन विभागाध्यक्ष ने किया तथा कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम में श्री पवन कुमार सिंह, श्री अमरेश कुमार वर्मा, एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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