गोंडा तेज धूप और तपती जमीन कांवड़ियों के हौसले को नहीं डिगा सकी। लगभग 900000 कावड़ियों ने भरा जल

0
450

बोल बम-बोल बम, बाबा नगरिया दूर है-जाना बहुत जरूर है, जो बाबा को भूलेगा-वह रस्ते में झूलेगा…. जैसे गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो गया।

गोंडा करीब 9 लाख से अधिक कावंड़ियों ने पवित्र सरयू में स्नान कर जल भरा और विभिन्न शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए रवाना हुए।

जिले ही नहीं प्रदेश स्तर के मेले का रूप ले चुके कजरी (हरतालिका) तीज मेला ऐतिहासिक बन चुका है। इस मेले में अब प्रति वर्ष शिव भक्तों की बढ़ोत्तरी हो रही है। इस बार बाढ़ व मौसम ठीक होने से कांवरियों की संख्या बढ़कर 9 लाख का आंकड़ा पार कर रही है। बीते वर्ष इस मेले में करीब 8 लाख के आस-पास शिव भक्तों ने हिस्सा लिया था। इस बार महिला कांवड़ियों की संख्या में भी भारी इजाफा देखने को मिला। झूमते-नाचते कांवड़ियों को तेज धूप और तपती सड़क ने खूब सताया मगर उनके हौसले पस्त नहीं हुए।

सोमवार की देर शाम से ही कांवड़ियों का हुजूम सरयू तट पर स्नान करके जल भरने लगा। वहीं मंगलवार की सुबह से ही कटरा घाट स्थित सरयू नदी के तट पर लाखों की संख्या में कांवड़ियों का जमावड़ा होने लगा। देखते ही देखते घाट पर भारी भीड़ हो गई, लोग नदी में स्नान करने के बाद पूजन, अर्चन कर रामनगर बाराबंकी लोधेश्वर नाथ महादेव मंदिर, गोंडा नगर स्थित दुःखहरन नाथ महादेव मंदिर व खरगूपुर स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, करनैलगंज के बरखंडी नाथ महादेव मंदिर में जलाभिषेक करने के रवाना होने लगे।
मेले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रयाप्त मात्रा में पुलिस बल लगाए गए थे। वाहनों का आवागमन न होने पाए इसके लिए बैरियर लगा कर प्रयाप्त मात्रा में सब इंस्पेक्टर व सिपाही लगाए गए थे। कांवरियों की सुविधा के लिए जगह-जगह करीब सैकड़ों स्थानों पर लोग पांडाल लगाकर प्रसाद एवं भोजन का वितरण कर रहे थे।

LEAVE A REPLY