गोंडा खरगूपुर मशहूर पृथ्वीनाथ मंदिर परिसर में कजली तीज मेला के बाद में मंदिर परिसर बना कूड़े का ढेर

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श्याम बाबू कमल गोंडा उत्तर प्रदेश

गोंडा खरगूपुर कजरी तीज मेला समाप्ति के चार दिन बाद भी पृथ्वीनाथ मंदिर सहित परिसर की सफाई ना किए जाने के यज्ञ चलते चारों तरफ कूड़े का ढेर जगह जगह इकट्ठा है वही पालीथीन व थर्माकोल के गिलास दोना पत्तल आदि भी पड़े हुए हैं कजली तीज के प्रमुख मौके पर विख्यात पृथ्वीनाथ मंदिर में विशाल मेले का आयोजन हुआ था लाखों श्रद्धालुओं ने यहां जलाभिषेक व पूजन अर्चन किया था वही मेले का भव्य आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न प्रकार की दुकानें यहां लगी थी मेला तथा जलाभिषेक कार्यक्रम समाप्ति के चार दिन बाद भी प्रशासन ने यहां मंदिर तथा परिसर के आस पास साफ सफाई का कार्य नहीं कराया जिससे चारों तरफ भीषण गंदगी का साम्राज्य है यहां तक की प्रसिद्ध पृथ्वीनाथ मंदिर के निकास द्वार के दोनों और कूड़ा के ढेर एकत्रित हैं इसके अतिरिक्त पूरे मंदिर परिसर में जगह जगह पालीथीन तथा थर्माकोल के दोना पत्तल गिलास के साथ ही दुकानदारों द्वारा छोड़े गए कागज दफ़्ती आदि से चारों तरफ गंदगी व्याप्त है कूड़ा करकट तथा गंदे पानी के जमाव से मंदिर के आसपास दुर्गंध व्याप्त है ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भीषण गंदगी के बीच से होकर मंदिर तक पहुंच कर जलाभिषेक व पूजन अर्चन करना पढ़ रहा है कजरी तीज का दो दिवसीय मेला समाप्त होने के बाद से ही जिला प्रशासन व मंदिर प्रबंध तंत्र यहां की साफ सफाई व्यवस्था के प्रति उदासीन हो गया जिसका खामियाजा यहा नित्य आने वाले सैकड़ों श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है इस प्रमुख मंदिर के प्रशासक जिला अधिकारी स्वयं हैं मंदिर तथा संपूर्ण परिसर की साफ सफाई प्रकाश पेयजल तथा मार्ग मरम्मत आदि की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है साथ ही यहां मंदिर का चढ़ावा तथा लगने वाले मेले में दुकानों से वसूली का जिम्मा राजस्व विभाग के कर्मियों की है जिससे लाखों रुपए की आय होती है बावजूद यहां की सुविधाओं के प्रति बराबर उदासीनता ही दिखाई पड़ती है यस डी यम सदर यस यन तिवारी से इस संबंध में जागरण प्रतिनिधि ने बात की तो उन्होंने बताया कि खंड विकास अधिकारी तथा एडीओ पंचायत रुपईडीह को निर्देश देकर सफाई कर्मियों को लगा कर मंदिर व परिसर की साफ सफाई शीघ्र ही कराई जाएगी उनका कहना था कि सफाई कर्मी ओडीएफ व शौचालय निर्माण कार्य में लगे हुए हैं इसीलिए मेला समाप्ति के बाद सफाई का कार्य नहीं हो पाया था|

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