गोंडा उमरी बेगमगंज आस्था का प्रतीक है माँ बाराही मंदिर

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श्याम बाबू

गोंडा उमरी बेगमगंज चौरासी कोसी परिक्रमा से जुड़ा मुकुंदपुर गाँव स्तिथ माँ बाराही मंदिर आस्था का प्रतीक है
नवरात्र में यहाँ देश भर से श्रद्धालु पूजा अर्चन करने के लिए पहुँच रहे है ।

जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर बेलसर विकास खंड के मुकुंद्पुर गाव के सुखनयी तट पर माँ बाराही मंदिर (उत्तरी भवानी) हैं। यहाँ लगा वटवृक्ष मंदिर की प्राचीनता बता रहा हैं ।हर सोमवार व शुक्रवार को यहा मेला लगा रह्ता हैं।इस मंदिर की उत्पत्ति भगवान बाराह से जुडी हैं जिनका पवित्र स्थल सूकर खेत पसका मे हैं । कहा जाता है कि हिरण्याकश्यप के भाई हिरण्याक्ष का वध करने के लिये भगवान को बाराह का रूप धारण करना पडा और पाताल लोक पहुचने के लिये देवी स्तृति की। मुकुंद्पुर जंगल मे माँ बाराही देवी प्रकट हुई। यहाँ पर मंदिर मे सुरंग हैं । भगवान बाराह पाताल लोक इसी से पहुचे और हिरण्याक्ष का वध किया तभी से ये मंदिर अस्तित्व मे आया। यहाँ पर सैकडो वर्ष पुराना वटवृक्ष हैं , इसके शाखाओ व पेड मे अंतर करना मुश्किल हैं | माँ बाराही मंदिर को उत्तरी भवानी मंदिर भी कहा जाता हैं । यहाँ पर काल्पनिक आँख चढाने का विशेष प्रचलन है । कहा जाता हैं कि यहा पर आने से आँख की बीमारी ठीक हो जाती हैं ।आषाढ पूर्णिमा को वार्षिक मेले का आयोजन होता है। यहाँ के पुजारी राघव व आशू सैनी बताते हैं कि मंदिर मे आज भी सुरंग हैं, मंदिर के अंदर कोई मूर्ति नही है।सैकडो वर्ष पूर्व एक अंग्रेज अधिकारी ने सुरंग नापने का प्रयास किया था लेकिन दूरी अनंत होने से नापी नही जा सकी । सुरंग के उपर अरघे मे दिन रात दीपक जला करता है। मुख्यालय से बेलसर होते हुए उमरी बेगमगंज थाने से माँ बाराही मंदिर का रास्ता हैं । सडक जर्जर होने कि वजह से लोगो को आने मे दिक्कतो का सामना करना पड रहा हैं | नवरात्र मे सुबह से तीन बजे से ही लोगो का ताता लगा रहता है। पूर्व प्रधान बरौली कन्हैया लाल मिश्र छात्र नेता शुभम सिंह रवि कुमार तिवारी मधुरम सिंह आदि लोग कहते है क़ि समाज मे मनुष्य स्वस्थ , शिक्षित स्वावलम्बी होने के बावजूद सम्पूर्ण नही माना जाता इसका कारण हैं परमपिता परमेश्वर से दूरी। सदाचार के माध्यम से अध्यातमिक विकास के लिए इन आस्था केंद्रो का बडा महत्व हैं ।
बॉलीवुड से भी आये लोग
बीते दिनों अभिनेत्री नेहा शर्मा व अभिनेता जैकी भगनानी लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से होते हुए माँ बराही मंदिर पहुँचे । मंदिर पर पूजा अर्चना कर दोनों ने मन्नत माँगी ।

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